
अभी दिसंबर की वैसी सर्द स्याह रातें नहीं हैं कि भोपाल गैस त्रासदी को रस्मी तौर पर ही सही, याद करें. त्रासदी के पच्चीस साल पूरे होने के बाद मीडिया के लिए भी अब भोपाल गैस त्रासदी कोई मुद्दा नहीं है
अभी दिसंबर की वैसी सर्द स्याह रातें नहीं हैं कि भोपाल गैस त्रासदी को रस्मी तौर पर ही सही, याद करें. त्रासदी के पच्चीस साल पूरे होने के बाद मीडिया के लिए भी अब भोपाल गैस त्रासदी कोई मुद्दा नहीं है
आदिवासी नेता के शब्दों में कहें तो सरकार अब टाटा और मित्तल को सबसे गरीब और भूमिहीन मानकर मुफ्त में जमीन देने लगी है
इस साठ साला जलसे में कहीं से आम आदमी का कोई जुड़ाव न दिखा न महसूस हुआ। मन से निकलने वाली अभिव्यक्ति का मानो स्रोत ही सूख गया हो।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से मोदी, वसुंधरा, येदुरप्पा ने किया किनारा, तीनों के हाथ मिलाने की खबरें,बीजेपी टूट की ओर, गडकरी और आडवाणी को लेकर नाराजगी, मनाने की संघ की कोशिशें भी फेल
कांग्रेस अब बदलेगी लीक-किया जाएगा सब कुछ ठीक: मनमोहन के स्थान पर राहुल गांधी के लिए रोडमैप तैयार करने में जुटे हैं पी सी, अहमद पटेल को जिम्मा सौंपा, कांग्रेस को एकमजबूत मुस्लिम चेहरे की तलाश
सरकारी एजेंसियों व मंत्रालयों में सहमति न बनने के कारण कोयला ब्लाकों और 2जी स्पेक्ट्रम की बिक्री की कोशिशों में जुटी सरकार इनके रिजर्व प्राइस नहीं तय कर पा रही





















































































































